हार गई जिंदगी…

जिंदगी की जंग हार गई गैंगरेप पीड़ित, देश सदमे में

दिल्ली में 12 दिन पहले सामूहिक बलात्कार का शिकार बनी लड़की जिंदगी की जंग हार गई है। सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में रात सवा दो बजे उसकी मौत हो गई।

Damini Rape

Delhi Gang Rape

“जिंदगी तो हार गई ,मगर मरकर भी एक सवाल छोड़ गई कि इस पुरुष प्रधान समाज मे कब तक महिलाएं असुरक्षित रहेंगी. आज मन अशान्त है दामिनी की मोत से,इस आध्यात्मिक देश मे आज डर खत्म हो चुका है कानून का, दरिंदो को तत्काल फांसी होने का बाद भी कानून का सख्ती से पालन होने इस समाज को निरंतर जागरूक होना होगा.”

दिल्ली में 12 दिन पहले सामूहिक बलात्कार का शिकार बनी लड़की जिंदगी की जंग हार गई है। सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में रात सवा दो बजे उसकी मौत हो गई। दिल्ली में इलाज के दौरान लड़की होश में थी और परिवारवालों से बात भी कर रही थी लेकिन अचानक गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे सिंगापुर भेजा गया था जहां बीती रात उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लड़की की मौत की खबर से पूरा देश सदमे में है। पीड़ित लड़की के शव को लाने के लिए दिल्ली से एक विमान को सिंगापुर भेजा गया है। ये विमान दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह 8 बजे रवाना हुआ।

New Delhi Rape 2012

रात आठ बजे तक पहुंचेगा भारत लौटेगा शव 

सूत्रों का कहना है कि एयर बस 319 सिंगापुर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पहुंचेगा। इस विमान के रात 8 बजे तक दिल्ली वापस लौटने की संभावना है। मालूम हो कि गैंगरेप पीड़ित छात्रा को 27 दिसंबर की सुबह माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन तभी से उसकी हालत नाजुक थी। अस्पताल के 8 डॉक्टरों की टीम उसे जिंदा रखने की कोशिशें कर रहे थे लेकिन दो दिन तक चली उनकी कोशिशें भी लड़की की नहीं बचा सकीं।

इच्‍छाशक्‍ित के बल पर थी जिंदा 

अस्पताल के मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है लड़की के शरीर और दिमाग में बेहद गंभीर चोटें थीं लेकिन उसकी इच्छाशक्ति ने उसे जिंदा रखा और वो तमाम मुश्किलों के बावजूद बहादुरी से जिंदगी के लिए लड़ी मगर वो जीत नहीं पाई। असल में लड़की की जिंदगी को खतरे के बारे में डॉक्टरों ने शुक्रवार रात ही आगाह कर दिया था और कहा था कि पीड़ित के कई अंगों ने एकसाथ काम करना बंद कर दिया था। लड़की की इस हालत की जानकारी उसके परिवार को दे दी गई थी।

पूरा परिवार सिंगापुर में

सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग भी परिवार के साथ खड़ा रहा। लड़की की हालत पर भारत सरकार की नजरें लगातार बनी थीं। यहां तक कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी लड़की की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। पीडित लड़की की जिंदगी बचाने के लिए भारत के साथ साथ सिंगापुर में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर दुआएं मांगीं थीं और बड़ी तादाद में लोगों ने इलाज में मदद देने की पेशकश की थी मगर सब बेकार। आखिर 12 दिन तक चली जंग में जिंदगी मौत से हार गई।

 

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